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  1. न्यास का नाम

इस न्यास का नाम गोरक्षनाथ सनातन संघ” होगा, जिसे इस संविधान में आगे “न्यास” या “ट्रस्ट” कहा गया है।

  1. पंजीकृत कार्यालय

न्यास का पंजीकृत कार्यालय निम्न पते पर स्थित होगा –
मौजा दाउदपूर, तारामंडल, ओंकार फर्नीचर के पास, पी-मार्ट, गोपालापुर चौराहा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश – 273001
न्यास मण्डल के निर्णयानुसार अन्य कार्यालय भी स्थापित किए जा सकेंगे।

  1. कार्यक्षेत्र

न्यास का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारतवर्ष होगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विधि-सम्मत रूप से भारत के बाहर भी न्यास के उद्देश्य अनुसार कार्य किए जा सकेंगे।

  1. न्यास का स्वरूप

यह न्यास एक गैर-लाभकारी, धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं कल्याणकारी न्यास है, जिसकी स्थापना जनकल्याण एवं समाज के सर्वांगीण विकास हेतु की गई है।

  1. न्यास के उद्देश्य

न्यास के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होंगे—

  • समाज में सुख, शांति, सद्भावना, विश्वास, सदाचार एवं नैतिक मूल्यों की स्थापना करना।
  • सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण व प्रचार करना।
  • मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का निर्माण, जीर्णोद्धार एवं विकास करना।
  • निर्धन, असहाय, वृद्ध, विकलांग एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना।
  • शिक्षित बेरोजगार युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • विद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी एवं व्यावसायिक संस्थानों, पुस्तकालयों एवं छात्रावासों की स्थापना एवं संचालन करना।
  • महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, गौ-रक्षा एवं पशु कल्याण के लिए कार्य करना।
  • स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सालयों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का संचालन करना।
  1. न्यास कोष

न्यास की स्थापना हेतु ₹11,000/- (ग्यारह हजार रुपये मात्र) का प्रारम्भिक न्यास कोष स्थापित किया गया है।
न्यास कोष में दान, चन्दा, अनुदान, सहायता राशि एवं वैध माध्यमों से धन प्राप्त किया जा सकेगा।

  1. न्यास मण्डल

न्यास का संचालन न्यास मण्डल द्वारा किया जाएगा, जिसमें मुख्य न्यासी (अध्यक्ष) एवं अन्य न्यासी सम्मिलित होंगे।
मुख्य न्यासी न्यास के सर्वोच्च प्रशासक होंगे।

  1. प्रशासन एवं अधिकार
  • न्यास मण्डल को चल-अचल सम्पत्तियों के क्रय-विक्रय, प्रबंधन एवं संरक्षण का अधिकार होगा।
  • न्यास के संचालन हेतु नियमावली, उपनियम एवं निर्देश बनाए जा सकेंगे।
  • न्यास की बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाएंगी।
  1. आय का उपयोग

न्यास की समस्त आय एवं सम्पत्ति का उपयोग केवल न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाएगा। किसी भी न्यासी को निजी लाभ नहीं दिया जाएगा।

  1. न्यास का विघटन

न्यास के विघटन की स्थिति में शेष सम्पत्ति समान उद्देश्य वाले किसी अन्य न्यास को विधि अनुसार हस्तांतरित की जाएगी।

📄 पेज–2 : संगठन संविधान

(गोरक्षनाथ सनातन संघ – संगठनात्मक संविधान)

  1. संगठन का नाम

इस संगठन का नाम गोरक्षनाथ सनातन संघ” होगा।

  1. संगठन का उद्देश्य

संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास हेतु कार्य करना है।

  1. संगठन की विचारधारा

संघ वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना पर आधारित होकर बिना किसी जाति, धर्म, वर्ग अथवा लिंग भेद के सेवा कार्य करेगा।

  1. संगठनात्मक संरचना

संघ की संरचना निम्न स्तरों पर होगी—

  • राष्ट्रीय स्तर
  • प्रांतीय / राज्य स्तर
  • जिला स्तर
  • ब्लॉक / तहसील स्तर
  • ग्राम / नगर स्तर
  1. विशेष प्रकोष्ठ

संगठन के अंतर्गत निम्न विशेष प्रकोष्ठ कार्य करेंगे—

  • युवा मोर्चा
  • महिला मोर्चा
  • सेवा प्रकोष्ठ
  • गौ-रक्षा प्रकोष्ठ
  • पर्यावरण प्रकोष्ठ
  • विधिक प्रकोष्ठ
  • आईटी एवं सोशल मीडिया प्रकोष्ठ
  • शिक्षा एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ
  1. पदाधिकारी

संगठन के प्रमुख पदाधिकारी होंगे—

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • कार्यकारी अध्यक्ष
  • महासचिव
  • संगठन मंत्री
  • उपाध्यक्ष
  • सचिव
  • कोषाध्यक्ष
  • मीडिया प्रभारी
  1. नियुक्ति प्रक्रिया
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति।
  • राज्य अध्यक्ष द्वारा जिला अध्यक्षों की नियुक्ति।
  • जिला अध्यक्ष द्वारा ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति।
  • ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा ग्राम / नगर इकाइयों की नियुक्ति।
  1. कोष एवं लेखा व्यवस्था

संगठन का कोष बैंक/डाकघर में संचालित होगा।
सभी आय-व्यय का लेखा पारदर्शी रूप से रखा जाएगा एवं वार्षिक लेखा परीक्षण कराया जाएगा।

  1. अनुशासन एवं आचरण

संगठन के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य संगठन के नियमों, मर्यादाओं एवं अनुशासन का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।

  1. संविधान की बाध्यता

यह संगठन संविधान संघ की सर्वोच्च नियमावली होगी तथा संघ की सभी इकाइयाँ एवं पदाधिकारी इसके अधीन कार्य करेंगे।